चीन “व्यापक समानता” से “बड़े विभेदीकरण के युग” में प्रवेश कर रहा है
2000–2020 के दौरान चीन में हर तरह के उद्योग फले-फूले, हर परिवार ने तरक्की की और हर मकान की कीमत बढ़ी। विश्वविद्यालय स्नातकों को मिलने वाला लाभ बना रहा, और शाही परीक्षा के नए रूप से मिलने वाला लाभ भी। विशाल सामूहिकता और व्यापक एकरूपता वाली सामूहिक विचारधारा, केंद्रीकृत मीडिया, एक ही समय पर आए निर्णायक मोड़—2008 के ओलंपिक, 2013–2014 में मोबाइल इंटरनेट का विस्फोटक विस्तार, इलेक्ट्रिक कारों की शुरुआत आदि—हर जगह मिलते-जुलते शहरी निर्माण, आवासीय परिसर और व्यापार, तथा व्यावसायिक माँगों में बेहद अधिक समानता। यह व्यापक समानता का युग था, जब करोड़ों लोगों की ज़रूरतें एक साथ बदल रही थीं। यह वस्तुओं के विपणन का स्वर्ण युग था, इंटरनेट उत्पादों का स्वर्ण युग था; बिक्री का दस करोड़ पार कर जाना बहुत आसान था।
वर्गीय सीढ़ी चढ़ने के सपने, सिलिकॉन वैली के सपने, सोना खोजकर अमीर बनने के सपने और निम्न-मध्यवर्गीय जीवन के सपने—इन सबने निम्न-मध्यवर्गीय विचारधारा को किसानों और अति-लघु पूँजीपति वर्ग को अपने भीतर समेटने में सक्षम बनाया, जिससे जनसाधारण की विचारधारा में भारी एकरूपता आई। 1970 के दशक में जन्मी पीढ़ी के सफलता के नुस्खे खूब चले। यहाँ तक कि निम्न-मध्यवर्गीय दर्शन, ऑस्ट्रियाई विचारधारा को भी प्राचीन चीन में नया जीवन मिला। ऐसे जैतून के आकार वाले समाज का सपना लोकप्रिय हुआ, जिसमें सभी लोग मध्यवर्गीय हों।
लेकिन 2022 से मकानों की कीमतें गिरने लगीं, सरकारी वित्त तंगी में आ गया और बड़े लाभों का युग समाप्त हो गया। उद्योगों के बीच अंतर बढ़ने लगे, प्रांतों के बीच अंतर बढ़ने लगे, परिवारों के बीच अंतर बढ़ने लगे। चीन ने व्यापक समानता के युग को विदा कर व्यापक विभेदीकरण के युग में प्रवेश किया।
K-आकार का विभेदीकरण और संकेंद्रण में वृद्धि “अर्थव्यवस्था” का नियम है; यह मार्क्स और एंगेल्स द्वारा पूर्वानुमानित ध्रुवीकरण की एक अभिव्यक्ति है।
उद्योगों के बीच विभेदीकरण
एआई, सेमीकंडक्टर जैसे उद्योगों के उन्माद और तेज़ वृद्धि के बरक्स अनेक उद्योगों में छाई गहरी खामोशी—इनके बीच अंतर बढ़ रहा है।
किनारे पर खड़े लोगों बनाम समुद्र में मौजूद लोगों के बीच विभेदीकरण
संसाधनों और समझ के लिहाज़ से किनारा और समुद्र लगातार दो अलग-अलग दुनिया बनते जा रहे हैं।
बेशक, समुद्र में होना डरावना नहीं है; मज़दूर और किसान तो हमेशा से समुद्र में ही रहे हैं। नीचे फिसलकर समुद्र में गिर जाने से घबराने वाले निम्न-मध्यवर्गीय और अति-लघु पूँजीपति हैं, इसलिए वे डूबते को तिनके के सहारे की तरह उससे चिपके रहते हैं।
निम्न-मध्यवर्ग बनाम अति-लघु पूँजीपति वर्ग का विभेदीकरण
मैंने पहले लिखा था, “हमारी पीढ़ी ने शायद निम्न पूँजीपति वर्ग का शिखर देख लिया है”: विकासशील देशों में स्नातक शिक्षा का प्रसार हो रहा है, और अगले 15 वर्षों में चीन में 21 करोड़ नए विश्वविद्यालय स्नातक जुड़ेंगे। इससे विश्वभर में सफ़ेदपोश श्रमिकों की आपूर्ति पर असर पड़ेगा।
निम्न-मध्यवर्ग सुनहरे वादों के ज़रिए दूसरे वर्गों को अपने साथ जोड़ने की क्षमता खो रहा है, वर्गीय सीढ़ी चढ़ने का सपना टूट रहा है और विश्वविद्यालय प्रवेश परीक्षा से मिलने वाला लाभ समाप्त हो रहा है। अति-लघु पूँजीपति वर्ग और निम्न-मध्यवर्ग के बीच की खाई बढ़ेगी, निम्न-मध्यवर्ग का एक हिस्सा अति-लघु पूँजीपति वर्ग में धकेल दिया जाएगा, और अति-लघु पूँजीपति वर्ग निराश होकर धुर दक्षिणपंथ की ओर जाएगा। दक्षिणपंथ की आवाज़ अधिक मुखर होगी।
विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों के बीच विभेदीकरण
अगले 15 वर्षों में चीन में 21 करोड़ नए विश्वविद्यालय स्नातक जुड़ेंगे। इससे चीन में “विश्वविद्यालय स्नातक” होने से मिलने वाला लाभ पूरी तरह समाप्त हो जाएगा और विश्वभर में भी इस लाभ पर असर पड़ेगा। स्नातक शिक्षा अब मानव सभ्यता में “किनारे लग जाने” की निशानी नहीं रहेगी। विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों के भीतर व्यापक विभेदीकरण होगा और वे अब एक समग्र पहचान नहीं रहेंगे। इससे बुद्धिजीवियों और सामान्य विश्वविद्यालय विद्यार्थियों में विचारों और विचारधाराओं की खोज को बढ़ावा मिलेगा। हालाँकि अति-लघु पूँजीपति वर्ग और अधिक दक्षिणपंथी होगा, लेकिन नए “मज़दूर वर्ग के विश्वविद्यालय विद्यार्थी” एक बिल्कुल नई प्रजाति होंगे।
असाधारण व्यक्तियों बनाम सामान्य प्रतिभागियों का विभेदीकरण
एआई ने व्यक्ति के कार्यक्षेत्र और क्षमताओं का विस्तार किया है। उदाहरण के लिए, एआई से लैस किसी शीर्ष प्रोग्रामर या डिज़ाइनर और सामान्य प्रतिभागियों के बीच की पीढ़ीगत खाई पहले से अधिक बड़ी हो गई है। केवल असाधारण व्यक्ति ही किसी “खेल की मेज़” पर टिके रह सकेंगे।
2000 से पहले जन्मे लोगों बनाम 2000 और उसके बाद जन्मे लोगों का विभेदीकरण
भारी उथल-पुथल के इस नए दौर में 1980 और 1990 के दशकों में जन्मे लोगों के अनुभव तेज़ी से अपना मूल्य खो रहे हैं; उन्हें सक्रिय रूप से विकसित होना होगा।
पिछला लेख, “अगले 15 वर्षों में लगभग 21 करोड़ विश्वविद्यालय विद्यार्थी स्नातक होंगे; तीव्र प्रतिस्पर्धा से बड़ी प्रतिभाएँ उभरेंगी:”
सामान्य मेहनतकशों की वर्ग चेतना बढ़ेगी
1990–2020 के दौरान 50 करोड़ से 100 करोड़ मज़दूरों की वर्ग चेतना ऊँची न होने के पीछे ऐतिहासिक भौतिकवाद के कौन-से कारक थे? भारी उतार-चढ़ाव और बड़े लाभों के युग ने निम्न-मध्यवर्गीय तथा अति-लघु पूँजीपति बुद्धिजीवियों को अपनी ओर खींच लिया; किसान वर्ग और ग्रामीण पारिवारिक जीवनशैली अभी विदा नहीं हुए थे, जीवन की खुशहाली के सूचकांक से मिलने वाला लाभ अभी समाप्त नहीं हुआ था, वर्गीय सीढ़ी चढ़ने और विश्वविद्यालय प्रवेश परीक्षा से मिलने वाले लाभ अभी समाप्त नहीं हुए थे। वर्गों के जड़ हो जाने तथा पहचान और समझ के स्तर पर विभेदीकरण के साथ सामान्य मेहनतकशों की वर्ग चेतना बढ़ेगी।
शिक्षा के स्तर में वृद्धि और एआई तथा इंटरनेट के विकास के साथ, निचले सामाजिक तबकों के एक अरब सामान्य लोगों की समझ लगातार बढ़ रही है।
वामपंथ की ताक़त बढ़ेगी और मार्क्सवादी सामाजिक विज्ञान भी अपने सबसे गहरे अवनति के दौर से बाहर निकलेंगे।